Posts

Showing posts from May, 2019

वो दिल था या घड़ी

याद है तुम्हें वो घड़ी... जो तुमने मुझे दी थी... वो आज भी मेरी कलाई पर. तुम्हारा दिल बनके धड़कती है... Time का तो पता नहीं... पर समय आज भी वो ही बताती है... एहसास होता है उसकी टिक टिक से... जैसे तु...